

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

राजकीय नर्सिंग कॉलेज, चमोली की प्राचार्य डॉ. ममता का नौ वर्षीय कार्यकाल केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने शिक्षा, अनुशासन, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों की ऐसी मिसाल स्थापित की, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। वर्ष 2016 में प्राचार्य का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने संस्थान को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


डॉ. ममता के नेतृत्व में कॉलेज ने शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और बेहतर परिणामों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने उन्हें केवल एक सफल नर्सिंग प्रोफेशनल बनने के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में संस्थान ने लगातार नई उपलब्धियां हासिल कीं।



शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी डॉ. ममता की सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से जोड़कर सेवा की भावना विकसित की। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रमों में भी कॉलेज की सहभागिता उनके नेतृत्व में लगातार बढ़ी।


कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में डॉ. ममता ने अपने संस्थान और विद्यार्थियों के माध्यम से जनसेवा का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न प्रयासों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा का भी महत्वपूर्ण माध्यम हो सकते हैं।

हाल ही में उनके स्थानांतरण की सूचना सामने आने के बाद जनपद में भावुक माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने उनके स्थानांतरण को रोकने का प्रयास भी किया। हालांकि डॉ. ममता ने इसे सरकार की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए पूरी गरिमा के साथ निर्णय का सम्मान करने की बात कही।

6 जुलाई 2026 को आयोजित विदाई समारोह भावनात्मक पलों का साक्षी बना। विद्यार्थियों की नम आंखें, सहकर्मियों की भावुकता और स्थानीय नागरिकों का स्नेह इस बात का प्रमाण था कि डॉ. ममता ने अपने कार्यकाल में केवल प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन नहीं किया, बल्कि अपने व्यवहार, संवेदनशीलता और नेतृत्व से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।


डॉ. ममता का कार्यकाल इस बात का उदाहरण है कि समर्पित नेतृत्व, ईमानदारी, सेवा भावना और अपने कार्य के प्रति निष्ठा से सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। चमोली उन्हें केवल एक प्राचार्य के रूप में नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, समर्पण और मानवीय मूल्यों की प्रेरणादायी मिसाल के रूप में हमेशा याद रखेगा।

