

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए पहुंचे एक यात्री द्वारा गर्भगृह क्षेत्र में स्पाई कैमरे से अवैध रूप से वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित यात्री के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। बाद में यात्री ने एक वीडियो जारी कर अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और रिकॉर्ड किए गए वीडियो का उपयोग नहीं करने की बात कही।


पुलिस के अनुसार मुंबई निवासी जयप्रकाश पांडे दर्शन के दौरान स्पाई कैमरे के माध्यम से गर्भगृह क्षेत्र की वीडियो और फोटो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। मंदिर परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्र में रिकॉर्डिंग पूरी तरह निषिद्ध होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन किए जाने पर पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया।


मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने यात्री को रोककर पूछताछ की और उसके पास मौजूद स्पाई कैमरे की जांच की। मंदिर की सुरक्षा, गोपनीयता और धार्मिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह क्षेत्र से संबंधित सभी वीडियो और फोटो मौके पर ही डिलीट करवा दिए गए।

उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी यात्री के विरुद्ध उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत चालानी कार्रवाई की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों पर लागू सुरक्षा नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद संबंधित यात्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी गलती के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार से धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था और रिकॉर्ड किए गए वीडियो अथवा फोटो का किसी भी रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा।

पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी न करें। नियमों का पालन करना सभी श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी है।


बद्रीनाथ धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां सुरक्षा और धार्मिक परंपराओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। पुलिस और मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धाम की मर्यादा और सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

