रुड़की में पेयजल संकट पर पार्षदों का जल संस्थान में प्रदर्शन, 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

रुड़की में पेयजल संकट पर पार्षदों का जल संस्थान में प्रदर्शन, 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय पार्षदों ने सोमवार को जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और सहायक अभियंता (एई) अरुण गुप्ता को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। पार्षदों ने क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और विभिन्न तकनीकी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

रामनगर के पार्षद पंकज सतीजा, चंद्र प्रकाश माटा और वार्ड नंबर 30 के पार्षद चारु चंद्र ने बताया कि क्षेत्र में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई मोहल्लों में पानी का दबाव बेहद कम है, जिसके कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

ज्ञापन में पार्षदों ने मांग की कि अन्य वार्डों की तरह रामनगर में भी प्रतिदिन 10 घंटे नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा ट्यूबवेल और पेयजल पंपों के लिए बिजली कटौती के दौरान जनरेटर की व्यवस्था की जाए, ताकि पानी की सप्लाई बाधित न हो। साथ ही गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत और अन्य समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई।

पार्षद पंकज सतीजा ने कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने जल संस्थान से मांग की कि सभी 10 मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।

जल संस्थान के सहायक अभियंता अरुण गुप्ता ने बताया कि पार्षदों ने क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि रामनगर के पड़ाव क्षेत्र में स्थित एक पुराना पेयजल पंप लंबे समय से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा था। जांच में पता चला कि पंप से केमिकल निकलने की समस्या थी, जिसके कारण उसे संचालित नहीं किया जा रहा था।

अरुण गुप्ता ने बताया कि तकनीकी समस्या का समाधान कर लिया गया है और बंद पड़ा पंप एक-दो दिन के भीतर चालू कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद रामनगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति में काफी सुधार आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह छह बजे से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

पार्षदों ने उम्मीद जताई कि जल संस्थान उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करेगा और रामनगर क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या से जल्द राहत मिलेगी।