

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में पंचायत उपचुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। हरिद्वार जिले को छोड़कर प्रदेश के शेष 12 जिलों में रिक्त पड़े उप प्रधान और ग्राम पंचायत के विभिन्न पदों पर 15 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। मतदान संपन्न होने के बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।


राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि उपचुनाव की पूरी प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी होगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। आयोग ने सभी जिलों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।


निर्वाचन आयोग के अनुसार 7 जुलाई को संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव संबंधी विस्तृत सूचना जारी करेंगे। इसकी प्रति सरकारी गजट में प्रकाशित की जाएगी तथा राज्य निर्वाचन आयोग को भी भेजी जाएगी। साथ ही चुनाव कार्यक्रम की जानकारी ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, तहसील और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के सूचना पट्टों पर भी प्रदर्शित की जाएगी।

चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार 8 जुलाई से 14 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संबंधित क्षेत्र पंचायत मुख्यालय से नामांकन पत्र प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त 15 जुलाई को भी सुबह 8 बजे से 9:30 बजे तक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर नामांकन पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 15 जुलाई को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक नामांकन पत्र जमा किए जाएंगे। इसके बाद 11 बजे से 12 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक नाम वापसी, 12:30 बजे से 1 बजे तक चुनाव चिन्ह आवंटन, दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक मतदान और शाम 4 बजे से मतगणना शुरू कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि उप प्रधान पद के चुनाव की सभी प्रक्रियाएं—नामांकन, जांच, नाम वापसी, चुनाव चिन्ह आवंटन, मतदान, मतगणना और परिणाम की घोषणा—संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही संपन्न कराई जाएंगी। यह चुनाव उत्तर प्रदेश पंचायत राज (सदस्य, प्रधान एवं उप प्रधान निर्वाचन) नियमावली, 1994, जो उत्तराखंड में लागू है, उसके प्रावधानों के तहत कराया जाएगा।


चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद संबंधित जिलों में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, मतदान कर्मियों की तैनाती और सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं संभावित प्रत्याशियों ने भी चुनावी रणनीति और जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिए हैं, जिससे पंचायत उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

