

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में तथा जनपद ऊधम सिंह नगर के जिला न्यायाधीश सिकंदर कुमार त्यागी के निर्देशन में आदर्श कन्या इंटर कॉलेज, बाजपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ममता पंत ने छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के तहत उनके अधिकारों और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।


कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. प्रीति रस्तोगी ने की। इस दौरान सिविल जज ममता पंत ने छात्राओं को गुड टच और बैड टच की पहचान, यौन उत्पीड़न से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा ऐसी परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले कानूनी उपायों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं से किसी भी प्रकार की घटना होने पर बिना डर के इसकी जानकारी देने और कानूनी सहायता लेने की अपील की।



एलएडीसी असिस्टेंट एडवोकेट लुबीना पारुल ने छात्राओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद नागरिकों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी देते हुए छात्राओं को आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम में कोतवाली बाजपुर के उपनिरीक्षक देवेंद्र मनराल ने साइबर अपराधों से बचाव पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे और डिजिटल सुरक्षा के उपायों से अवगत कराया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देते हुए किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
सिविल जज ममता पंत ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन लेनदेन से पहले पूरी तरह सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

कार्यक्रम के अंत में वन महोत्सव सेवा सप्ताह के अंतर्गत सिविल जज ममता पंत ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम का संचालन पराविधिक कार्यकर्ता मोहम्मद शहीद ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह चेक बाउंस से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों को शीघ्र और सुलभ न्याय मिल सके।



