गौला पुल से छलांग लगाने वाले किशोर प्रियांशु बिष्ट का शव बरामद, घटना का वीडियो भी आया सामने

गौला पुल से छलांग लगाने वाले किशोर प्रियांशु बिष्ट का शव बरामद, घटना का वीडियो भी आया सामने

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

बनभूलपुरा थाना क्षेत्र स्थित गौला पुल से नदी में छलांग लगाने वाले 17 वर्षीय किशोर प्रियांशु बिष्ट का शव सोमवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया। रविवार शाम हुई इस घटना के बाद से परिवार में शोक का माहौल है। इस बीच, घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, मोतीनगर निवासी प्रियांशु बिष्ट रविवार शाम करीब पांच बजे घर से ड्राइंग का सामान खरीदने की बात कहकर निकला था। परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार का विवाद या तनाव नहीं था। कुछ समय बाद सूचना मिली कि किशोर ने गौला पुल से नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ की टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने नदी में उतरकर किशोर को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद एसडीआरएफ ने देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसे अंधेरा और नदी के तेज बहाव तथा गहरे पानी के कारण रोकना पड़ा।

सोमवार सुबह एसडीआरएफ ने दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया। गोताखोरों ने विशेष उपकरणों की सहायता से नदी के गहरे हिस्सों में खोजबीन की और कुछ ही देर बाद प्रियांशु का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस बीच घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक किशोर को पुल से नदी में छलांग लगाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस ने वीडियो को जांच के दायरे में लिया है और उसकी सत्यता तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो समेत सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना के कारणों पर कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।

पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। परिजनों, परिचितों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।