

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में बड़े स्तर पर चलाए गए सैंपलिंग अभियान में कई खाद्य पदार्थ प्रयोगशाला जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे।


लैब रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने 19 रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने खराब गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ बेचने और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में सभी के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किए हैं।



विभागीय टीम ने पिछले दिनों जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जहां खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, किचन की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया।


निरीक्षण के दौरान कई दुकानदारों और कारोबारियों को अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए। वहीं, संदिग्ध और असुरक्षित खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया गया, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, कुल 19 मामलों में कार्रवाई की गई है। इनमें 11 प्रतिष्ठानों पर किचन में गंदगी, अस्वच्छ वातावरण और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने के आरोप हैं, जबकि 8 मामलों में घटिया गुणवत्ता की मिठाई, दूध, घी और पनीर जैसे खाद्य पदार्थ बेचने के आरोप में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।


विभाग ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान खाद्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी है। साथ ही कहा गया है कि भविष्य में भी निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



