

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

खटीमा के ग्राम खेतलसंडा मुस्तजार में विधायक निधि से निर्मित एक पुलिया को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। पुलिया के निर्माण को लेकर वायरल हुई एक पोस्ट के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों दल एक-दूसरे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगा रहे हैं।


सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि पुलिया के स्थान पर केवल ह्यूम पाइप लगाया गया है। इस पर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तस्वीरों में कथित रूप से छेड़छाड़ कर विधायक भुवन चंद्र कापड़ी की छवि धूमिल करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।



कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो सरकार को निष्पक्ष और आधिकारिक जांच करानी चाहिए। उनका दावा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरें भ्रामक हैं और मौके पर पुलिया का निर्माण हुआ है, जबकि ह्यूम पाइप होने का दावा तथ्यात्मक नहीं है।


विवाद के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि वीरेंद्र राज ने दावा किया कि करीब एक किलोमीटर तक कहीं भी ह्यूम पाइप मौजूद नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाने वालों को मौके पर आकर अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने की चुनौती भी दी।

वहीं भाजपा नेता प्रकाश आर्य ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस विकास कार्यों को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रही है।

इस पूरे विवाद के बीच मीडिया ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर किए गए अवलोकन के दौरान संबंधित स्थान पर ह्यूम पाइप दिखाई नहीं दिया। हालांकि, मीडिया का यह अवलोकन किसी आधिकारिक जांच या तकनीकी रिपोर्ट का विकल्प नहीं है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता अथवा दावों की पुष्टि संबंधित सक्षम प्राधिकारी ही कर सकते हैं।


फिलहाल पुलिया निर्माण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर हैं कि क्या इस मामले में किसी आधिकारिक जांच के आदेश दिए जाते हैं या नहीं। जांच होने की स्थिति में ही विवाद से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

