

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने गौलापार सभागार में जलागम विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलागम विभाग की सभी कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं का लाभ राज्य के गांव-गांव और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।


बैठक के दौरान मंत्री राम सिंह कैड़ा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और धरातल पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा माना जाएगा, जब उसका प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंचे और उनके जीवन स्तर में सुधार दिखाई दे।



मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा कर विकास कार्यों की निगरानी करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र में जाकर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का स्वयं निरीक्षण करें, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके।


समीक्षा बैठक में जलागम विभाग के अंतर्गत वर्तमान में संचालित सभी विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।

राम सिंह कैड़ा ने कहा कि जलागम विभाग की योजनाएं केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से इन योजनाओं को जनहित को केंद्र में रखकर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।


बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और विकास कार्यों में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।


बैठक के अंत में मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और किसानों की आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्य संस्कृति अपनाते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश के प्रत्येक गांव तक विकास का लाभ पहुंच सके।

