

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय नागरिकों के बीच हुए विवाद का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि सोशल मीडिया पर कथित रूप से दिए गए आशीष नेगी के भड़काऊ बयान ने एक बार फिर विवाद को हवा दे दी है। इस बयान को लेकर पंजाब समेत देशभर के सिख समाज में नाराजगी देखने को मिल रही है।


इस पूरे घटनाक्रम को लेकर रविवार देर शाम बाजपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब में गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की ओर से एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष कुलविंदर सिंह किन्दा, किसान नेता कर्म सिंह पड्डा, प्रदेश सर्व गुरुद्वारा प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरमिंदर सिंह ढिल्लन लाड़ी सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।



प्रेसवार्ता के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कर्णप्रयाग की घटना के बाद सरकार, प्रशासन और समाज के प्रबुद्ध लोगों के प्रयासों से माहौल सामान्य होने लगा था। गिरफ्तार किए गए निहंग सिखों को भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत जमानत मिल चुकी है और दोनों पक्षों के बीच शांति बनाए रखने की कोशिशें जारी थीं।


कमेटी के पदाधिकारियों का आरोप है कि ऐसे समय में आशीष नेगी द्वारा दिया गया कथित भड़काऊ बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है। उनका कहना था कि इस प्रकार के बयान समाज के विभिन्न वर्गों के बीच तनाव बढ़ा सकते हैं और शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आशीष नेगी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को समाज में वैमनस्य फैलाने या किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

प्रेसवार्ता में मौजूद नेताओं ने सभी समुदायों से संयम बनाए रखने और अफवाहों या भड़काऊ बयानों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सदैव भाईचारे और आपसी सौहार्द की मिसाल रहा है, इसलिए सभी पक्षों को शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।


गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और कानून के शासन को बनाए रखना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार निष्पक्ष कार्रवाई कर दोषियों के विरुद्ध उचित कदम उठाएगी, जिससे भविष्य में इस प्रकार के विवादों की पुनरावृत्ति न हो और समाज में शांति एवं विश्वास का वातावरण बना रहे।

