

स्थान : जसपुर
ब्यूरो रिपोट


मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजियों को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जसपुर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार 15 फीट से अधिक ऊंचाई वाले ताजियों की अनुमति नहीं होगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। साथ ही याचिकाकर्ता के भवन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।


देशभर में मुस्लिम समुदाय मोहर्रम की तैयारियों में जुटा है। इसी बीच जसपुर निवासी मोहित गर्ग द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।



आदेश के बाद क्षेत्र में इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अब तक किसी भी धर्मगुरु या सामाजिक संगठन की ओर से इन निर्देशों का विरोध सामने नहीं आया है।


याचिकाकर्ता मोहित गर्ग का कहना है कि वर्ष 2024 में मोहर्रम के दौरान निकाले गए ताजिए की अधिक ऊंचाई के कारण उनके मकान और छज्जे को नुकसान पहुंचा था। उनका कहना है कि ताजिया निकालने के दौरान पूरे दिन बिजली आपूर्ति भी बाधित रहती है, जिससे आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी समाज या धार्मिक आयोजन से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि उनकी मांग केवल यह है कि ताजिए सुरक्षित तरीके से निकाले जाएं और किसी की संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।

हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उपजिलाधिकारी राहुल शाह ने नगर पालिका और पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं कि ताजियों की ऊंचाई 15 फीट से अधिक न हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जुलूस के दौरान किसी निजी या सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे तथा किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।


याचिकाकर्ता के भवन की सुरक्षा के लिए पुलिस और नगर पालिका के कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



उपजिलाधिकारी राहुल शाह ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप 16 जून को प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया गया था।

प्रशासन ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मोहर्रम के जुलूस शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराए जाएं तथा न्यायालय के सभी आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

