

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से खटीमा विकास खण्ड सभागार में बाल अधिकार एवं सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय जन जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा तथा संरक्षण को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना रहा।


कार्यक्रम में उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना सहित आयोग के सदस्य दयाल सिंह बिष्ट, योगेश सिंह रजवार तथा सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।



कार्यशाला में बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कानूनों पर चर्चा की गई। साथ ही बच्चों के प्रति होने वाली हिंसा, शोषण और उनके अधिकारों की सुरक्षा में समाज की भूमिका को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।


अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें परिवार, समाज और सभी संबंधित संस्थाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बच्चों के सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों से जुड़ी समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की बाल हिंसा या शोषण की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।


कार्यशाला में यह भी बताया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के अधिकारों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को संवेदनशील और जिम्मेदार बनने की आवश्यकता है।


इस कार्यक्रम का आयोजन खण्ड विकास अधिकारी, खटीमा की ओर से किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय नागरिकों ने भी प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल अधिकारों की रक्षा और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का संकल्प लिया।

