किलपुरा रेंज में अवैध लकड़ी चिरान का आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

किलपुरा रेंज में अवैध लकड़ी चिरान का आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

उधमसिंह नगर जनपद के खटीमा स्थित किलपुरा रेंज क्षेत्र से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि कुटरा क्षेत्र में संचालित एक आरा मशीन पर अवैध रूप से लकड़ियों का चिरान किया जा रहा था। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मौके पर वन विभाग की टीम मौजूद दिखाई दे रही है।

जानकारी के अनुसार सुबह के समय किलपुरा रेंज क्षेत्र की कुटरा स्थित आरा मशीन पर कार्रवाई की गई। वीडियो में बड़ी मात्रा में लकड़ियां और उनका चिरान होता दिखाई दे रहा है। साथ ही एक ट्रक भी मौके पर खड़ा नजर आ रहा है, जिसे कार्रवाई के दौरान पकड़े जाने का दावा किया जा रहा है।

हालांकि मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब विभागीय अधिकारियों द्वारा जारी जानकारी में आरा मशीन का स्पष्ट नाम सामने नहीं आया। स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि जब कार्रवाई सीधे आरा मशीन परिसर के पास हुई तो विभाग द्वारा उसका नाम सार्वजनिक करने से परहेज क्यों किया जा रहा है।

आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से केवल स्थान का उल्लेख किया जा रहा है, जबकि संबंधित आरा मशीन का नाम उजागर नहीं किया गया। इससे कार्रवाई की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

मामले में पकड़े गए ट्रक को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक पर लगे स्टीकर में किलपुरा रेंज से जुड़े वन निगम के लॉट संख्या 142/125/26 का उल्लेख है। इस जानकारी के सामने आने के बाद वन विभाग, वन निगम और संबंधित आरा मशीन संचालकों की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पूर्व भी क्षेत्र की एक टाल में संदिग्ध परिस्थितियों में लकड़ियां मिलने का मामला सामने आया था, लेकिन उस प्रकरण का आज तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया। ऐसे में वर्तमान मामले ने पुराने सवालों को भी फिर से जीवित कर दिया है।

वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर मीडिया ने किलपुरा रेंज के रेंज अधिकारी मनोज कुमार पांडे से पक्ष जानने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक स्तर पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था, जिससे मामले को लेकर और अधिक जिज्ञासा बढ़ गई।

बाद में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के पश्चात रेंज अधिकारी ने मीडिया को जानकारी उपलब्ध कराई। अब स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है तथा उच्च अधिकारी मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। फिलहाल पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के सार्वजनिक खुलासे की मांग उठ रही है।