बहुउद्देशीय शिविर में विधायक और भाजपा नेता के बीच तीखी नोकझोंक, वीडियो हुआ वायरल

बहुउद्देशीय शिविर में विधायक और भाजपा नेता के बीच तीखी नोकझोंक, वीडियो हुआ वायरल

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

केंद्र सरकार के “12 साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत द्वाराहाट में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब द्वाराहाट विधायक मदन बिष्ट और उत्तराखंड पलायन आयोग के सदस्य एवं भाजपा नेता अनिल शाही के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों नेताओं के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

शिविर के दौरान विधायक मदन बिष्ट ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने जल जीवन मिशन सहित कई विकास योजनाओं में धन कटौती और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के अनेक गांव आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं तथा कई स्थानों पर लगाए गए नल सूखे पड़े हैं।

विधायक ने क्षेत्रीय सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और जनता से जुड़े मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होना चाहिए।

विधायक के आरोपों के बीच भाजपा नेता अनिल शाही ने उन पर कमीशनखोरी के आरोप लगाए। इसके जवाब में विधायक मदन बिष्ट ने भी पलटवार करते हुए अनिल शाही पर दलाली करने के आरोप जड़ दिए। आरोप-प्रत्यारोप के चलते दोनों नेताओं के बीच बहस तीखी हो गई।

दोनों पक्षों के बीच बढ़ती बहस से कार्यक्रम का माहौल गर्मा गया। जनसमस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचे लोग नेताओं की बहस देखते रह गए और कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पीछे छूटता नजर आया।

शिविर में ब्लॉक प्रमुख डॉ. आरती किरौला ने भी कार्यक्रमों के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की भूमिका और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, उपजिलाधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख दीपक किरौला ने कहा कि ऐसे आयोजनों में प्रोटोकॉल के अनुसार सभी जनप्रतिनिधियों को मंच पर उचित स्थान दिया जाना चाहिए, जिस पर प्रशासन को भी ध्यान देना चाहिए।

गौरतलब है कि इन दिनों द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र विभिन्न राजनीतिक घटनाक्रमों, वायरल वीडियो और आरोप-प्रत्यारोपों को लेकर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता के बीच भ्रम की स्थिति समाप्त हो।