

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा


बाजपुर क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। उप जिला चिकित्सालय, बाजपुर में लगभग चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ब्लड स्टोरेज यूनिट को पुनः पूर्ण रूप से संचालित कर दिया गया है। इस सुविधा के शुरू होने से अब आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा और उन्हें रक्त के लिए अन्य शहरों के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।


अस्पताल प्रशासन के अनुसार ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन के लिए आवश्यक सभी लाइसेंस संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। साथ ही यूनिट में जरूरी उपकरणों और रेफ्रिजरेशन व्यवस्था को भी सुचारू रूप से स्थापित किया गया है।



लंबे समय से बंद पड़ी इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के दोबारा शुरू होने से बाजपुर और आसपास के क्षेत्रों के हजारों मरीजों तथा उनके परिजनों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से दुर्घटना, प्रसव और अन्य गंभीर परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता अब पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगी।


अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे रेफरल मामलों में भी कमी आने की उम्मीद है।
इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उप जिला चिकित्सालय बाजपुर में आध्यात्मिक चेतना मंच एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।

इस अवसर पर ‘रक्तवीर’ उपाधि से सम्मानित डॉ. सौरभ परमार ने रक्तदान के महत्व और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान न केवल जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में सहायक होता है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।


कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ब्लड स्टोरेज यूनिट के पुनः संचालन और रक्तदान शिविर के आयोजन का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

