

ब्यूरो रिपोर्ट


दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। रातभर चले हमलों में इजरायल के 4 सैनिकों की मौत हुई, जबकि इजरायली हवाई हमलों में लेबनान में कम से कम 18 नागरिकों के मारे जाने की सूचना है। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।


लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कई इलाकों में हुए हवाई हमलों में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं। सबसे अधिक नुकसान टायर शहर के पास हारौफ गांव में बताया जा रहा है, जहां कई घर क्षतिग्रस्त हुए और लोग मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है।


इजरायल ने दावा किया है कि उसकी कार्रवाई हिज्बुल्लाह के ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाकर की गई है। वहीं हिज्बुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई में इजरायली सेना पर हमले और टैंकों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है।

इस संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रही कूटनीतिक बातचीत भी इस बढ़ते तनाव के कारण प्रभावित हो रही है। बताया जा रहा है कि कुछ प्रस्तावित वार्ताओं को भी टाल दिया गया है।
फ्रांस ने भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए अमेरिका से इजरायल पर दबाव बनाने की अपील की है, ताकि लेबनान में जारी संघर्ष को रोका जा सके और स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके।

इजरायल का कहना है कि हिज्बुल्लाह बार-बार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, जिसके जवाब में उसकी सैन्य कार्रवाई जारी है। वहीं इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के संकेत भी दिए हैं।


क्षेत्रीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह संघर्ष अब केवल इजरायल और हिज्बुल्लाह तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। तेल आपूर्ति और समुद्री मार्गों को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों पक्षों की ओर से सैन्य गतिविधियां जारी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय संघर्ष रोकने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

