

स्थान :ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट


त्रिवेणी घाट स्थित धर्मशाला से जुड़े भूमि विवाद को लेकर शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संबंधित पक्ष ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि शिकायतों और लिखित निर्देशों के बावजूद उनकी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर स्थायी निर्माण कार्य लगातार जारी है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बनी हुई है।


प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ताओं ने कहा कि त्रिवेणी घाट क्षेत्र में गंगा तट के समीप स्थित उनकी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध है और प्रशासन को कई बार इसकी जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।



उन्होंने बताया कि इस संबंध में 4 जून 2026 को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर निर्माण कार्य रोकने का आश्वासन भी दिया गया था। इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य नहीं रुका और धीरे-धीरे इसे स्थायी ढांचे में बदला जाता रहा।


शिकायतकर्ताओं के अनुसार संबंधित विभाग द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी जारी किए गए थे और कार्य रोकने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद निर्देशों की अनदेखी कर लगभग 500 से 700 गज भूमि पर निर्माण कार्य जारी रहा, जिससे विवाद और गहरा गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से इस स्थान पर पहले अस्थायी रूप से तिरपाल और टीनशेड लगाए जा रहे थे, लेकिन कोरोना काल के बाद वर्ष 2022 में इसे स्थायी निर्माण का रूप दे दिया गया। कई बार मौखिक और लिखित आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि इस मामले की जानकारी त्रिवेणी घाट पुलिस चौकी सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी गई है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उनका आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण प्रशासनिक कार्रवाई प्रभावित हो रही है।


मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है, जबकि शिकायतकर्ताओं ने उच्च स्तरीय जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

