

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


खटीमा ब्लॉक सभागार में किसान दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।


गोष्ठी की अध्यक्षता मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव और कृषि भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. विधि उपाध्याय ने की, जबकि संचालन सहायक कृषि अधिकारी कुंदन मनोला ने किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई।



मुख्य अतिथि राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी ने कहा कि किसान यदि आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण को अपनाएं तो खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता जांचने और भूजल का सीमित उपयोग करने की सलाह दी।


उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना अनुमति किसी किसान के खेत से मिट्टी न ली जाए और किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।


इस अवसर पर चार प्रगतिशील किसानों को ‘किसानश्री सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इनमें ग्राम चंदेली के बलविंदर सिंह, नितिन मोहन, जमौर के दीनदयाल और सितारगंज के मलपुरा निवासी रिंकू राणा शामिल रहे।


कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रभाकर, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संत्रोता सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
गोष्ठी के अंत में किसानों को जैविक खेती और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके।

