रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खुले, जयघोषों से गूंजा हिमालय

रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खुले, जयघोषों से गूंजा हिमालय

स्थान : चमोली
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट सोमवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा हिमालयी क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “जय बाबा रुद्रनाथ” के जयघोष से गूंज उठा।

कपाट खुलने के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और स्थानीय लोग मौजूद रहे। भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।

पंचकेदारों में चतुर्थ केदार के रूप में प्रसिद्ध रुद्रनाथ धाम का धार्मिक महत्व बेहद विशेष माना जाता है। यहां भगवान शिव के एकानन स्वरूप यानी मुख रूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस पवित्र धाम में दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

समुद्र तल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसा हुआ है। यह धाम अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक वातावरण और कठिन पैदल यात्रा मार्ग के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

कपाट खुलने के साथ ही अब अगले छह महीनों तक मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। श्रद्धालु पूरे यात्रा सीजन के दौरान बाबा रुद्रनाथ के दर्शन कर सकेंगे।

रुद्रनाथ यात्रा को उत्तराखंड की सबसे रोमांचकारी और चुनौतीपूर्ण यात्राओं में गिना जाता है। लंबी पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालु हिमालय की खूबसूरत वादियों, बुग्यालों और प्राकृतिक दृश्यों के बीच आस्था का अनोखा अनुभव प्राप्त करते हैं।

इस वर्ष की पवित्र रुद्रनाथ यात्रा के शुभारंभ के साथ ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। दूर-दराज के राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त धाम पहुंचने लगे हैं।

वहीं चमोली पुलिस और प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।