

लोकेशन :- लालकुआँ
रिपोर्टर :- मुन्ना अंसारी


पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य में मोटे अनाज (Millets) को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही मुहिम को अब युवाओं और पाक कला विशेषज्ञों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में उत्तराखंड के प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर भूपेंद्र सिंह रावत (भूपी किचन ऑनेस्ट किचन) पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों को पारंपरिक हिमालयी अनाजों और स्थानीय व्यंजनों के महत्व से परिचित कराया।

कार्यक्रम के दौरान शेफ भूपी रावत ने मंडुवा, झंगोरा और अन्य मोटे अनाजों से तैयार व्यंजनों का लाइव कुकिंग डेमोंस्ट्रेशन दिया। छात्रों ने भी इस दौरान पारंपरिक पहाड़ी भोजन की प्रक्रिया को करीब से समझा और उसका स्वाद लिया।


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक मोटे अनाज अब वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं, लेकिन आधुनिक जीवनशैली के चलते लोग धीरे-धीरे इनसे दूर होते जा रहे हैं, जो चिंताजनक है।
शेफ भूपी रावत ने कहा कि मोटे अनाज केवल पौष्टिक भोजन ही नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली की कुंजी भी हैं। इनके नियमित उपयोग से कई प्रकार की बीमारियों से बचाव संभव है।


उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को अपनाएं, जिससे न केवल स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिलेगी।


उन्होंने यह भी कहा कि आज “उत्तराखंड का नमक पहाड़ी नूण” जैसे स्थानीय उत्पाद भी धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहे हैं और इन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की जरूरत है।

कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें अपनी परंपरा और खानपान संस्कृति से जोड़ने में मदद करते हैं।

