

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट


रेहड़ी पटरी कमजोर वर्ग कल्याण समिति का धरना-प्रदर्शन मंगलवार के 37वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी व्यापारी मौजूद रहे और उन्होंने नगर पालिका व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से वे बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने नहीं आया है।

धरने के दौरान व्यापारियों ने निर्णय लिया कि अब वे न्याय के लिए न्याय के देवता महासू महाराज मंदिर में जाकर गुहार लगाएंगे और अपने रोजगार की लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।


व्यापारी नेता संजय टम्टा ने कहा कि धरना 37 दिन से लगातार जारी है, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई समाधान नहीं निकला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है।
व्यापारी गोविंद प्रसाद नौटियाल ने कहा कि सभी प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि 13 मई को न्यायालय का फैसला आने वाला है और यदि फैसला उनके पक्ष में नहीं आता तो वे महासू महाराज के दरबार में न्याय की गुहार लगाएंगे।


एक अन्य व्यापारी सुनीता देवी ने बताया कि वे पिछले 11 महीनों से बेरोजगार हैं और घर चलाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा उन्हें जिस स्थान पर दुकान लगाने को कहा गया था, वहां उनकी बिक्री नहीं हो पा रही है।


बिल्लू वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि पिछले 9 महीनों से पटरी व्यापारियों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने मांग की कि जब तक वेंडर जोन नहीं बनता, तब तक उन्हें ऐसी जगह दी जाए जहां उनका रोजगार चल सके।

व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में गरीबों की समस्याओं की अनदेखी कर दी जाती है।
धरने पर बैठे व्यापारियों ने साफ कहा है कि अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

