

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट


रुड़की की राजनीति में मंगलवार को उस समय बड़ा सियासी भूचाल आ गया, जब पूर्व मेयर गौरव गोयल ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा पर गंभीर आरोप लगाए। पूर्व मेयर ने दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और फेसबुक पोस्ट हटाने का दबाव बनाया गया।


पूर्व मेयर गौरव गोयल ने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे मंत्री प्रदीप बत्रा का एक समर्थक उनके कार्यालय पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थक ने उनसे सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट तुरंत हटाने के लिए कहा।

गौरव गोयल के अनुसार, पोस्ट हटाने से इनकार करने पर उन्हें जेल भिजवाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि यह घटना राजनीतिक दबाव बनाने और डराने की कोशिश का हिस्सा है।

प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मेयर ने मंत्री प्रदीप बत्रा पर शहर की कई विवादित संपत्तियों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए।
गौरव गोयल ने यह भी कहा कि उनके बहन-बहनोई से जुड़े एक मामले में कोर्ट तारीख के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई मंत्री के दबाव में कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को परेशान किया जा रहा है।

पूर्व मेयर ने कहा कि मंत्री बनने के बाद प्रदीप बत्रा का रवैया बदल गया है और अब दबंगई के जरिए विरोधियों को चुप कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।


गौरव गोयल ने कहा कि वह पूरे मामले की शिकायत पुलिस को लिखित रूप में देंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए दोषियों पर सख्त कदम उठाने की अपील की।
फिलहाल इस पूरे विवाद पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन पूर्व मेयर द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद रुड़की की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजर पुलिस जांच और मंत्री पक्ष के जवाब पर टिकी हुई है।

