

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेज हो गई हैं। आए दिन अलग-अलग क्षेत्रों से आग लगने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे वन संपदा और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।


इस स्थिति को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने जंगलों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं और फील्ड में तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


डीएफओ आशुतोष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जंगल की आग से निपटने के लिए जिले में जगह-जगह क्रू सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर वन कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।


उन्होंने बताया कि सभी रेंज अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही कहीं आग लगने की सूचना मिलती है, तुरंत टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू कर देती है।

वन विभाग को शासन की ओर से आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आग पर नियंत्रण पाने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही फायर लाइन बनाने की प्रक्रिया भी जारी है, जिसकी स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।

डीएफओ के अनुसार, फायर लाइन तैयार करने के लिए करीब 6 हजार पेड़ों का निस्तारण किया जाएगा। यह कदम जंगलों में आग के फैलाव को रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



उन्होंने आम जनता से अपील की है कि जंगलों में आग न लगाएं। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर आग लगाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आग बुझाने के लिए जरूरत पड़ने पर फायर विभाग की मदद भी ली जा रही है।

वहीं, वन सरपंच मोहन चंद्र पांडे ने भी लोगों से जागरूक होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग लगने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि वन्यजीवों को भी भारी नुकसान पहुंचता है।

