

स्थान : देहरादून
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) का औपचारिक शुभारंभ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने लोकभवन से स्व-गणना कर किया। इस मौके पर उन्होंने ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल और उपयोगी बताते हुए प्रदेशवासियों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।


राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया बेहद आसान और सुविधाजनक है। उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर अनुभव साझा करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से यह पहल जनगणना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी।


वहीं जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय की निदेशक ईवा श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि प्रदेशवासी 24 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को 33 प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी।

उन्होंने बताया कि स्व-गणना की अवधि 24 अप्रैल तक चलेगी, जबकि सामान्य मकान सूचीकरण का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज किए गए डाटा का सत्यापन करेंगे।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों—चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी—में यह प्रक्रिया 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक संचालित की जाएगी, ताकि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके।

अधिकारियों ने बताया कि यह भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना है, जिसमें नागरिक स्वयं भी भाग ले सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति स्व-गणना नहीं करता है, तो प्रगणक उसके घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे।

प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी करें, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

