
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में गर्मियों के मौसम के शुरू होने के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर साल फायर सीजन में जंगलों, वन्यजीवों और पर्यावरण को भारी नुकसान होता है।


वन विभाग ने इस बार संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है। विभाग ने फायर वॉचर्स की तैनाती बढ़ा दी है और सभी डिवीजनों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।


स्थानीय ग्रामीणों और वन पंचायतों को भी जागरूक किया जा रहा है ताकि वे समय रहते आग की घटनाओं की सूचना विभाग को दे सकें। इससे आग फैलने से पहले ही काबू पाया जा सकेगा।

वन विभाग की टीमें आधुनिक उपकरणों से लैस हैं। इसके अलावा कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है और ड्रोन व सैटेलाइट के माध्यम से आग पर निगरानी की जा रही है।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस बार तकनीक और बेहतर समन्वय से जंगलों में आग की घटनाओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

विशेष सतर्कता बरतते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में फायर वॉचर्स की संख्या बढ़ाई गई है। विभाग ने स्थानीय लोगों को भी अभियान में शामिल किया है ताकि किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

वन विभाग का उद्देश्य है कि फायर सीजन के दौरान जंगलों में आग की घटनाओं को न्यूनतम किया जाए और किसी भी स्थिति में तत्काल प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

