UPES बना देश का पहला ‘AI-फर्स्ट’ विश्वविद्यालय

UPES बना देश का पहला ‘AI-फर्स्ट’ विश्वविद्यालय

स्थान : देहरादून

ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के प्रमुख शिक्षण संस्थान UPES (University of Petroleum and Energy Studies) ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए खुद को देश का पहला ‘AI-फर्स्ट’ विश्वविद्यालय घोषित किया है। इस ऐतिहासिक पहल की घोषणा विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक प्रेस वार्ता के दौरान की।


प्रेस वार्ता में वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय और एजुकेशन हेड राघव गुप्ता ने इस नई पहल की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह बदलाव छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


डॉ. सुनील राय के अनुसार ‘AI-फर्स्ट’ होने का मतलब है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सही दिशा में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना। इसके लिए विश्वविद्यालय ने तीन मुख्य स्तंभ तय किए हैं—टूल्स, ट्रेनिंग और इम्प्लीमेंटेशन।


‘टूल्स’ के तहत विश्वविद्यालय ने OpenAI के साथ करार कर एडवांस AI टूल्स की पहुंच सुनिश्चित की है। वहीं ‘ट्रेनिंग’ के अंतर्गत अगस्त तक संस्थान के टॉप मैनेजमेंट से लेकर अंतिम कर्मचारी तक सभी को AI की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।


‘इम्प्लीमेंटेशन’ के तहत आगामी शैक्षणिक सत्र से 60% कोर्सेज में 40% पाठ्यक्रम AI आधारित किया जाएगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और वे इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकेंगे।

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राघव गुप्ता ने AI को लेकर युवाओं में फैल रहे नौकरी जाने के डर को खारिज करते हुए कहा कि AI किसी की नौकरी नहीं लेगा, बल्कि जो AI नहीं जानता, उसकी नौकरी जरूर खतरे में पड़ सकती है। इस पहल के जरिए UPES न सिर्फ अपने छात्रों को सशक्त बनाना चाहता है, बल्कि पूरे उत्तराखंड में AI शिक्षा को बढ़ावा देने का लक्ष्य भी रखता है।