
स्थान : खटीमा/ ऊधम सिंह नगर/ उत्तराखंड

रिपोर्टर – अशोक सरकार

खटीमा से खबर है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संबंधित विभाग के सचिव को ज्ञापन भेजकर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।


संघ का आरोप है कि विभाग में पारदर्शिता की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण पात्र श्रमिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह रहे हैं। ज्ञापन में कुल 14 सूत्रीय मांगों का उल्लेख किया गया है।


मुख्य समस्या श्रमिक कार्डों के नवीनीकरण और लाभ आवेदनों के सत्यापन को लेकर है। श्रमिकों का कहना है कि न तो उनके आवेदन समय पर सत्यापित हो रहे हैं और न ही नवीनीकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।
संघ ने यह भी मांग की है कि आवेदन पास करने की निश्चित समय सीमा तय की जाए और इसका उल्लेख रसीद पर अनिवार्य रूप से किया जाए। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और शिकायतें कम होंगी।


ज्ञापन में खटीमा के कंजाबाग स्थित WFC सेंटर की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। श्रमिकों का आरोप है कि इस सेंटर पर पेयजल, शौचालय और बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही, यहां प्रतिदिन केवल 10 आवेदन ही लिए जा रहे हैं, जबकि मांग 60 से 70 आवेदन प्रतिदिन करने की है।


संघ ने इस सेंटर को किसी व्यवस्थित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है, जहां पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके अलावा, पारिवारिक पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं।
संघ की मांग है कि एक ही परिवार के सगे सदस्यों (पिता, पुत्र, पुत्री, पत्नी) को भी श्रमिक कार्ड बनाने का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही, पात्रता केवल श्रमिक के कार्य के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि सरकारी ठेकेदार के लाइसेंस की अनिवार्यता पर। सॉफ्टवेयर में बार-बार होने वाली छेड़छाड़ और साइट बंद होने की समस्या को भी जल्द दुरुस्त करने की चेतावनी दी गई है।

