
स्थान : खटीमा
रिपोर्टर – अशोक सरकार

ऊधम सिंह नगर के खटीमा तहसील से बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली में रहने वाले कई परिवारों ने खटीमा के ग्राम बगुलिया, दमगढ़ा और खाली महुअट में स्थित अपनी 125 एकड़ बेशकीमती भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और झनकईया थाना पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।


भूमि के मालिकों में अजय भाटिया, शिवानी सेठ, कबीर भाटिया, मोहिनी भाटिया, सी.के. आनंद और आदर्श भाटिया शामिल हैं। ये सभी वर्तमान में नई दिल्ली में निवास करते हैं और अपनी जमीन पर नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो सकते।


इन परिवारों का कहना है कि उनके पैतृक खेत की देखरेख और खेती का जिम्मा कश्मीर सिंह संभाल रहे हैं। उन्हें कानूनी रूप से ‘मुख्तयार खास’ नियुक्त किया गया है। खेत के मालिकों का दावा है कि उनकी अनुपस्थिति में भूमि पर अवैध कब्जे या उनके प्रतिनिधि के साथ कोई अनहोनी हो सकती है।


दिल्ली निवासियों ने प्रशासन को ज्ञापन देते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी फसल और जमीन की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने प्रतिनिधि कश्मीर सिंह की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।
सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों खेत के स्वामी अपनी ही फसल को जोत कर नष्ट करने वाले प्रशासन से अब सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस दौरान कश्मीर सिंह के अधिवक्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके प्रतिनिधि की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली निवासी परिवार के उत्तराखंड में रहने और जमीन की देखरेख को लेकर कई गंभीर सवाल उठते हैं।

अधिवक्ता ने आगे बताया कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और केवल कोर्ट ही यह तय करेगा कि भूमि पर वसीयत किसकी है और किसे अधिकार है। न्यायालय के फैसले का इंतजार अब सभी पक्ष कर रहे हैं।

