यशपाल आर्य ने महेंद्र भट्ट के बयान पर कसा तंज, विपक्ष पर आरोपों को बताया लोकतंत्र का अपमान

यशपाल आर्य ने महेंद्र भट्ट के बयान पर कसा तंज, विपक्ष पर आरोपों को बताया लोकतंत्र का अपमान

स्थान -हल्द्वानी

ब्यूरो रिपोट

हल्द्वानी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान कि कांग्रेस सत्र में केवल हंगामा करती है, पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन जनता के सवालों का सामना करना सरकार के लिए कठिन काम है।

आर्य ने कहा कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जुड़े लगभग 40 महत्वपूर्ण विभागों के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए सरकार समय नहीं देती, तो विपक्ष अपनी आवाज बुलंद करता है। इसे “हंगामा” कहना लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान है।

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या विधानसभा सत्र केवल सरकारी उपलब्धियों के बखान और पूर्व-लिखित भाषणों के पाठ के लिए बुलाया जाता है? उन्होंने बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।

आर्य ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का दायित्व है कि वह सरकार से सवाल पूछे और जनभावनाओं को सदन तक पहुंचाए। कांग्रेस के सभी विधायक नियमों के तहत चर्चा की मांग कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नियम 310 सहित सभी संसदीय प्रावधानों का उपयोग विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए करेगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है, एकतरफा घोषणाओं से नहीं। सदन सरकार का मंच नहीं, जनता की आवाज का मंच है। विपक्ष की आवाज को “हंगामा” कहकर दबाने की कोशिश असल में जनता की आवाज को दबाने का प्रयास है।

यशपाल आर्य ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस न डरने वाली है और न झुकने वाली। जनता के अधिकारों, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए संघर्ष सदन में भी और सड़क पर भी जारी रहेगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार सत्र को केवल अपनी घोषणाओं का औपचारिक कार्यक्रम बनाना चाहती है, तो यह याद रखे कि लोकतंत्र में विपक्ष की मजबूती ही संतुलन की गारंटी है और कांग्रेस हर संवैधानिक लड़ाई लड़कर यह संतुलन बनाए रखेगी।