चरस तस्करी में दोषी को चार वर्ष का कठोर कारावास

चरस तस्करी में दोषी को चार वर्ष का कठोर कारावास

स्थान -नैनीताल

ब्यूरो रिपोट

नैनीताल। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट संजीव कुमार की अदालत ने बृहस्पतिवार को चरस तस्करी के दोषी को चार वर्ष का कठोर कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर पांच माह का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा।

अभियोजन की ओर से न्यायालय को बताया गया कि पुलिस ने नौ जुलाई 2019 में 208.08 ग्राम चरस के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। 10 जुलाई 2019 को पुलिस ने इस्लाम निवासी नई बस्ती आस्थाना मस्जिद के पास बनभूलपुरा हल्द्वानी को गिरफ्तार किया। 11 मार्च 2020 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से तर्क दिया गया कि बरामद चरस की मात्रा अधिक है

और अभियुक्त समाजविरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि अभियुक्त 75 प्रतिशत और उसकी पत्नी 45 प्रतिशत दिव्यांग है। उसके पहले अपराध को देखते हुए कम सजा दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि बेचने के उद्देश्य से चरस अपने पास रखना गंभीर और समाज विरोधी अपराध है। अभियुक्त न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ था। न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आरोपी कोसजा सुनाई।