
स्थान-चंपावत

ब्यूरो रिपोट

चंपावत जिला मुख्यालय से मोटर स्टेशन रोड से कलक्ट्रेट रोड धरना स्थल तक सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जोरदार रैली निकाली। रैली में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और उनके 11 सूत्रीय मांगों पर त्वरित कार्रवाई की अपील की गई।


सोमवार को आयोजित इस आक्रोश रैली का नेतृत्व मीना बोहरा ने किया। उन्होंने कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी जाएगी।

रैली में जिले के चारों ब्लॉकों—चंपावत, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट—की सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सभी कार्यकर्ता अपने मांगपत्र के समर्थन में एकजुट दिखाई दिए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में मानदेय वृद्धि शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वेतन में 140 रुपए प्रतिदिन की वृद्धि की जाए और केंद्र सरकार को 150 रुपए प्रतिदिन की नई दर के लिए प्रस्ताव भेजा जाए।


इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने सेवानिवृत्ति होने पर 10 लाख रुपए देने का जीओ जारी करने, 300 रुपए की कटौती रोकने और बायोमेट्रिक मशीन से जोड़ने से मुक्त रखने की मांग की।

सुपरवाइजर पदों में प्रतिवर्ष सीनियरिटी के आधार पर विज्ञप्ति जारी करने, 60 वर्ष की सेवा निवृत्ति पर एक लाख रुपए की राशि देने और सेवानिवृत्ति आयु को 62 वर्ष करने की भी मांग की गई।
भवन किराए में वृद्धि, अन्य विभागों के कार्य के लिए प्रति विभाग 1000 रुपए प्रतिमाह भुगतान, तथा नन्दा गौरा योजना का लाभ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुनिश्चित करने की भी मांग रैली में उठाई गई।

मीना बोहरा ने कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो कार्यकर्ता और अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी के साथ ही प्रदेश सरकार पर भरोसा बनाए रखने की अपील भी की और सभी समस्याओं के समाधान की मांग जोर देकर रखी।

