
स्थान : लालकुआँ

रिपोर्टर : मुन्ना अंसारी

लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र के बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। बिंदुखत्ता संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में जड़ सेक्टर के बिंदुखत्ता जनता इंटर कॉलेज में हजारों क्षेत्रवासी एकत्र हुए और अपने अधिकार की वकालत की।


कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिंदुखत्ता के लोगों की यह मांग वर्षों से लंबित है और इसे अब तत्काल पूरा किया जाना चाहिए।

सभा में उपस्थित लोगों ने राज्य सरकार से अविलंब बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रवासियों का अधिकार है और लंबे समय से इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।


जनसभा के उपरांत हजारों लोग शहीद स्मारक से मुख्य चौराहा होते हुए तहसील की ओर जुलूस के रूप में कूच किए। इस विशाल जनसैलाब को देखने के लिए रास्तों पर भारी संख्या में लोग खड़े दिखाई दिए।

तहसील पहुंचकर समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें दो माह के भीतर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की अधिसूचना जारी करने की मांग की गई।


संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में मांग पूरी नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जनता और नेताओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि बिंदुखत्ता के लोग अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने के लिए दृढ़ हैं और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं।

