लक्ष्मोली शाश्वत धाम में 25 कर्मियों को ‘शाश्वत रत्न सम्मान

लक्ष्मोली शाश्वत धाम में 25 कर्मियों को ‘शाश्वत रत्न सम्मान

स्थान : टिहरी गढ़वाल

ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद टिहरी गढ़वाल की देवप्रयाग विधानसभा के कीर्तिनगर ब्लॉक स्थित लक्ष्मोली शाश्वत धाम मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन के बीच विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 25 कर्मचारियों को ‘शाश्वत रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम शाश्वत धाम, पर्वतीय शोध विकास केंद्र और ग्राम पंचायत लक्ष्मोली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

सम्मान समारोह में शाश्वत धाम के संस्थापक स्वामी अदेतानंद महाराज, पर्वतीय शोध विकास केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. अरविन्द दरमोड़ा तथा ग्राम पंचायत लक्ष्मोली के प्रधान सुरैस सिंह नेगी ने सम्मानित व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए।

मंदिर परिसर में पिछले एक सप्ताह से श्रीमद्भागवत कथा और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा था। महाशिवरात्रि के दिन दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पौड़ी, श्रीनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया।

इस अवसर पर स्वामी अदेतानंद महाराज ने कहा कि सम्मानित किए गए लोग समाज के लिए प्रेरणादायक हैं और हमें उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए। वहीं ग्राम प्रधान सुरैस सिंह नेगी ने बताया कि लक्ष्मोली शाश्वत धाम एक प्राचीन मंदिर है, जिसे परंपरा के अनुसार आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मंदिरों में से एक माना जाता है। उन्होंने बताया कि यहां हर वर्ष शिवरात्रि पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होता है।

मंदिर की विशेषता यह है कि यहां स्थापित शिवलिंग उत्तर दिशा की ओर स्थित है, जो इसे विशिष्ट बनाता है। ‘लक्ष्मोलेश्वर महादेव’ का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है, जिससे यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक माना जाता है। यहां नियमित रूप से विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं