
स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पूर्व पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता पर पर्यावरण मित्रों के अधिकारों के हनन और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व कार्यकाल में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई, जबकि वर्तमान बोर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है।


मीरा सकलानी ने बताया कि 25 लाख रुपये से अधिक के टेंडर को नियमों के अनुसार ऑनलाइन प्रक्रिया से किया जाना चाहिए था, लेकिन पूर्व कार्यकाल में इसे ऑफलाइन कर अपने चहेतों को लाभ पहुँचाया गया। उन्होंने कहा कि किन संस्था द्वारा कागजों में 169 कर्मचारी दिखाए गए, जबकि वास्तविक रूप से केवल 110 कर्मचारी काम कर रहे थे। 59 कर्मचारी न तो ग्राउंड पर दिखे और न ही उन्हें ईएसआई या पीएफ का लाभ मिला।

वर्तमान बोर्ड ने 1 जनवरी से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के तहत लॉर्ड शिवा कंपनी को सौंपा है। इस प्रक्रिया में सात कंपनियों ने भाग लिया। पूर्व बोर्ड की तरह किन संस्था ने इसमें भाग नहीं लिया, इसके बावजूद कर्मचारियों को गुमराह कर हंगामा कराया गया।


मीरा सकलानी ने कहा कि पूर्व कार्यकाल में पर्यावरण मित्रों को केवल 8,000 रुपये प्रतिमाह दिया जाता था, जबकि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 500 रुपये प्रतिदिन वेतन लागू नहीं किया गया। वर्तमान बोर्ड ने इसे लागू करते हुए पर्यावरण मित्रों को अब 17 हजार रुपये से अधिक वेतन के साथ ईएसआई और पीएफ की सुविधा दी है।
उन्होंने पूर्व बोर्ड द्वारा लगाए गए बायोमैथेन प्लांट को भी सवालों के घेरे में रखा। इस प्लांट पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन यह कभी संचालित नहीं हुआ।
मीरा सकलानी ने स्पष्ट किया कि किसी का रोजगार छीना नहीं जाएगा, लेकिन नियमों से समझौता भी नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि वर्तमान बोर्ड पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।


