विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देगा नई मजबूती : अजय भट्ट

विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देगा नई मजबूती : अजय भट्ट

स्थान – हल्द्वानी

ब्यूरो रिपोर्ट

भारतीय जनता पार्टी कुमाऊं संभाग कार्यालय हल्द्वानी में नैनीताल–उधम सिंह नगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025’ को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की।

इस दौरान उन्होंने अधिनियम को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का काम करेगी।

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि यह नया अधिनियम पूर्ववर्ती मनरेगा योजना का स्थान लेगा, जिसमें ग्रामीण परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े और प्रभावी बदलाव किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अब ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर रोक लगेगी।

उन्होंने कहा कि इस अधिनियम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मजदूरी का भुगतान अब 7 दिनों के भीतर अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है

तो श्रमिकों को मुआवजा देने का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। इससे मजदूरों को समय पर मेहनताना मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

सांसद भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल रोजगार उपलब्ध कराएगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी साधन विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा, जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान अजय भट्ट ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुद्दों के अभाव में कांग्रेस जनहितकारी योजनाओं को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ग्रामीणों के हितों की चिंता नहीं है, जबकि केंद्र सरकार लगातार गरीब, किसान और मजदूर के कल्याण के लिए ठोस कदम उठा रही है।

अजय भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन’ इसी सोच का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।

प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों के लिए आशा और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखेगा और देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा।