अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग को लेकर बढ़ा दबाव, आरपीआई ने आंदोलन की चेतावनी दी

अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग को लेकर बढ़ा दबाव, आरपीआई ने आंदोलन की चेतावनी दी

स्थान – पौड़ी

ब्यूरो रिपोर्ट

पौड़ी जिले की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेशभर में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

इसी क्रम में पौड़ी जनपद के सतपुली नगर में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है।

आरपीआई के जिला अध्यक्ष सोनू कुमार ने सतपुली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला है, जिसमें अब तक कई सवाल अनुत्तरित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस प्रकरण में बिना देरी किए सीबीआई जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके।

सोनू कुमार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही इस मामले की सीबीआई जांच नहीं कराती है, तो आरपीआई को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा

उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की बेटी को न्याय दिलाने का सवाल है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

आरपीआई जिला अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह से इस हत्याकांड में वीआईपी नामों के सामने आने की बातें हो रही हैं, वह बेहद निंदनीय और चिंताजनक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे जनता का न्याय व्यवस्था से विश्वास डगमगा रहा है। ऐसे में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए सीबीआई ही एकमात्र विकल्प है।

सोनू कुमार ने कहा, “अंकिता भंडारी हमारी बेटी थी। उसे न्याय मिलना ही चाहिए। अगर इस मामले में कोई भी वीआईपी या प्रभावशाली व्यक्ति दोषी है, तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कानून सबके लिए समान होना चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि आरपीआई इस मुद्दे पर प्रदेशभर में जनजागरण करेगी और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि न्याय और इंसाफ के लिए संघर्ष करना है।

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पहले भी कई सामाजिक संगठन, छात्र संगठन और राजनीतिक दल सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। अब एक बार फिर इस मांग के तेज होने से प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या अंकिता के परिजनों और जनता की मांग को देखते हुए मामले की सीबीआई जांच कराई जाएगी या नहीं।