

स्थान :- हरिद्वार/उत्तराखंड
संवाददाता :- मनोज कश्यप

उत्तराखंड सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में भगवद् गीता के श्लोकों का पाठ अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लिए गए इस फैसले को प्रदेश में नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के पहले चरण में गीता श्लोक पाठ से संबंधित जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अभिभावकों और विद्यार्थियों को इस निर्णय के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी जा सके।



डीएम दीक्षित ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा सभी शासकीय और गैर-शासकीय स्कूलों को लिखित दिशा-निर्देश भेजे जाएंगे, जिसमें कक्षा-वार गीता श्लोकों के चयन और उनके पाठ की प्रक्रिया का उल्लेख होगा। इसके बाद स्कूलों में नियमित रूप से गीता श्लोकों का पाठ शुरू कर दिया जाएगा।



प्रशासन का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और आत्मबल का विकास होगा, जिससे वे न केवल एक बेहतर छात्र, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी उभर सकेंगे।



मुख्यमंत्री धामी का यह फैसला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे शिक्षा में भारतीय परंपराओं के समावेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।



