

हरिद्वार

पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश के चलते लक्सर से होकर गुजरने वाली बालावाली नीलधारा गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गंगा किनारे बसे एक दर्जन अति संवेदनशील गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।




बाढ़ चौकी पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों को गंगा तट के नजदीक न जाने की कड़ी चेतावनी दी गई है। अगर बरसात का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो निकट भविष्य में इन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा सकता है।



गौरतलब है कि वर्ष 2013 में नीलधारा गंगा का तटबंध टूट गया था, और आज तक उसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। नतीजतन हर साल बरसात के मौसम में क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा बना रहता है।



बाढ़ की आशंका के कारण किसानों की हजारों बीघा भूमि जलमग्न हो जाती है, जिससे फसलें बर्बाद हो जाती हैं और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

हालांकि अभी नीलधारा गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बह रहा है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।



