

लोकेशन – जसपुर


उत्तराखंड की संस्कृति और प्रकृति प्रेम का प्रतीक लोक पर्व हरेला पूरे प्रदेश की तरह जसपुर क्षेत्र में भी बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से लेकर सरकारी विभागों के परिसरों तक, हर जगह हरेला पर्व पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और वृक्षारोपण के माध्यम से हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया गया।



तहसील परिसर, जसपुर चिकित्सालय परिसर, ब्लॉक परिसर, नगर पालिका परिषद समेत अनेक सरकारी विभागों और सार्वजनिक स्थलों पर सैकड़ों की संख्या में पौधों का रोपण किया गया। इन पौधों में फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, ताकि पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ आमजन को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।


इस अवसर पर उप जिलाधिकारी चतर सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में बताया,


“हरेला पर्व केवल पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। आज के दिन हमने जसपुर ब्लॉक के विभिन्न विभागों और स्थलों में वृक्षारोपण अभियान चलाया है। हमारा लक्ष्य है कि इस अभियान के तहत कम से कम 1000 पौधे रोपे जाएं। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण मिले, यही इस पर्व का उद्देश्य है।


उन्होंने आमजन से भी अपील की कि हरेला जैसे पर्वों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखें, बल्कि इन दिनों प्राकृतिक संरक्षण का एक आंदोलन बनाएं।

कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली छात्रों, समाजसेवियों और आम नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। सभी ने मिलकर हरियाली को संजोने और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया।



पृष्ठभूमि:
हरेला पर्व उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक पर्व है, जो वर्षा ऋतु के आगमन पर हरियाली और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जन-जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन चुका है।


