

स्थान : हरिद्वार
रिपोर्टर : मुन्ना अंसारी

Lalkuan क्षेत्र के बिंदुखत्ता में राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से खुली बातचीत के लिए आमंत्रण दिया, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना रहा।


धरना स्थल पर तराई पूर्वी वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी Anil Joshi पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।


अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि आगामी 6 मई को DFO Office स्तर के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचकर वार्ता करेंगे, जिससे समस्या के समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।


वहीं आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि जब बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं, तो फिर इसकी अधिसूचना जारी करने में देरी क्यों की जा रही है। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

आंदोलनकारियों ने बताया कि 6 मई को इस मुद्दे पर एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ संबंधित प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इस मांग को अब अनदेखा नहीं किया जा सकता और जल्द से जल्द राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की घोषणा की जानी चाहिए। आंदोलन को लेकर क्षेत्र में लगातार समर्थन बढ़ता जा रहा है।



