हल्द्वानी में आरक्षण रोस्टर विवाद को लेकर ज्ञापन सौंपा, अनुसूचित जाति वर्ग ने उठाई आवाज

हल्द्वानी में आरक्षण रोस्टर विवाद को लेकर ज्ञापन सौंपा, अनुसूचित जाति वर्ग ने उठाई आवाज

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

Haldwani में सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था के कथित उल्लंघन को लेकर आज बड़ा मामला सामने आया। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिनिधियों ने महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित दो महत्वपूर्ण ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपे।

Uttarakhand में विभिन्न विभागों द्वारा जारी भर्तियों में आरक्षण रोस्टर के सही पालन न होने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि इससे अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है।

विशेष रूप से होमगार्ड भर्ती 2026, स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) भर्ती 2026 सहित 2022 और 2024 की भर्तियों में 19 प्रतिशत आरक्षण के अनुरूप पदों का आवंटन न होने की बात सामने रखी गई है। इसे सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया गया है।

इस अवसर पर संवैधानिक अधिकार संघर्ष समिति के संयोजक Mukesh Chandra Bauddh ने कहा कि आरक्षण कोई दया नहीं बल्कि संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है, और इसका सही पालन न होना गंभीर अन्याय है।

उन्होंने मांग की कि सभी संबंधित भर्तियों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा अनुसूचित जाति वर्ग को 19 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार उचित पद दिए जाएं। साथ ही आरक्षण रोस्टर को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई।

समिति ने यह भी कहा कि यदि अनियमितता पाई जाती है तो दोषी अधिकारियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए और भविष्य में आरक्षण नीति का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

समिति के संरक्षक G R Tamta ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

इस मौके पर दीपक चन्याल, गजेंद्र पाल सिंह, भुवन चंद्र आर्य, अमित कुमार, जी. आर. आर्य, मनीष कुमार, प्रमोद कुमार, जयप्रकाश कोहली, आर. आर. लोहिया, नफीस अहमद, विनोद कुमार बौद्ध सहित कई लोग मौजूद रहे।