

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट : लक्ष्मण बिष्ट


लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत गांव बिंडा तिवारी दिगालीचौड़ में चल रहे दो दिवसीय हरेला महोत्सव का बुधवार को ब्रह्मा देवता की रथ यात्रा और विशाल मेले के साथ संपन्न हो गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और लोक संस्कृति व आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।


बिंडा तिवारी के निवर्तमान ग्राम प्रधान मोनू बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार की सुबह ब्रह्मा देव मंदिर तथा दोनों खलों – ढुंगा व विंडा में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का दूसरा दिन आरंभ हुआ। इसके उपरांत ब्रह्मा देव को बिंडा खल में अवतरित किया गया, जहां देव डांगरों के साथ उन्हें ढुंगा खल लाया गया।


यहां डांगर विद्याधर तिवारी का श्रंगार कर ब्रह्मा देव को रथ में विराजमान किया गया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और भक्तों की जयकारों के साथ भव्य रथ यात्रा आरंभ हुई। श्रद्धालुओं ने रस्सों के सहारे करीब 2 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई तय कर रथ को ब्रह्मा देव मंदिर, दिगालीचौड़ तक पहुंचाया।


रथ यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं पारंपरिक मांगलिक गीत गाते हुए रथ के पीछे चल रही थीं, वहीं भक्तों द्वारा रथ पर पुष्प और अक्षत की वर्षा की जा रही थी। मंदिर पहुंचने के बाद रथ ने मंदिर परिसर की परिक्रमा की, और सभी भक्तों को ब्रह्मदेव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।


इस दौरान रथ में ब्रह्मा देव के साथ सेवक के रूप में अमित तिवारी विराजमान थे। रथ के आगे-आगे एड़ी देवता के डांगर टीकाराम तिवारी, कालिका की देवकी देवी, मां भगवती की पुष्पा तिवारी और कलावती देवी, सिद्ध बाबा के डांगर कमल सिंह और नवीन उप्रेती चल रहे थे।

रथ यात्रा के उपरांत विशाल मेले का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज़ से आए व्यापारियों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। ग्रामीणों और आगंतुकों ने खूब खरीदारी की और लोक संस्कृति का आनंद उठाया।


कार्यक्रम के सफल आयोजन पर निवर्तमान ग्राम प्रधान मोनू बिष्ट एवं महोत्सव कमेटी ने सभी क्षेत्रवासियों, देव डांगरों, सहयोगियों व प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि इस प्रकार के पारंपरिक महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और देवी-देवताओं की परंपरागत पूजन पद्धति को संरक्षित और प्रोत्साहित करते हैं।


