

लोकेशन-ऋषिकेश

संवाददाता -सागर रस्तोगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि” के अंतर्गत ऋषिकेश पुलिस सक्रियता के साथ मैदान में उतर आई है। इसी क्रम में त्रिवेणी घाट पर पाखंडी बाबाओं और फर्जी साधुओं की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया गया।



कोतवाल प्रदीप राणा ने जानकारी दी कि त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार के नेतृत्व में बाबाओं के आधार कार्ड, पुराने वेरिफिकेशन दस्तावेजों और निवास की जानकारी का सघन सत्यापन किया गया।




जांच में मिले तथ्य:
- अधिकतर बाबा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा से संबंध रखते हैं।
- इनमें से कई बाबा 15 से 20 वर्षों से त्रिवेणी घाट पर रह रहे हैं।
- उनके पास पुलिस का पुराना वेरिफिकेशन रिकॉर्ड भी मौजूद पाया गया।


हालांकि फिलहाल कोई ढोंगी बाबा पकड़ में नहीं आया, लेकिन पुलिस ने कुछ संदिग्ध बाबाओं को पूछताछ के बाद निगरानी में रखा है।
वेरिफिकेशन न होना पुलिस द्वारा गंभीर विषय माना गया है और इस दिशा में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

पुलिस ने यह भी बताया कि त्रिवेणी घाट के अलावा अन्य गंगा घाटों पर भी अभियान जारी रहेगा। यदि किसी भी ढोंगी बाबा या संदिग्ध साधु की पहचान होती है तो “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



