

स्थान:लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट

लोहाघाट, चंपावत — रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने लोहाघाट क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की कार्यप्रणाली की पोल खोल कर रख दी। पाटन पुल के पास पिछले दो वर्षों से बंद पड़े कलमठ एक बार फिर भारी परेशानी का कारण बन गए, जिससे पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।



बारिश के दौरान देवदार बनी से बहकर आया मलबा और कचरा बंद कलमठों के चलते पानी के साथ-साथ लोगों के घरों में घुस गया। सड़कें पूरी तरह जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।



क्षेत्रवासी मोहन चंद्र पाटनी ने बताया कि यह समस्या पिछले दो-तीन वर्षों से बनी हुई है। “बरसात में पानी की निकासी न होने के कारण कचरा और मलबा हमारे घरों में घुस जाता है। कई बार हमें भारी नुकसान भी हुआ है,” उन्होंने कहा।



स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एनएच अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देकर और मौखिक रूप से बंद कलमठ को खोलने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।


लोगों का कहना है कि यदि इस बार भी संबंधित विभाग ने ध्यान नहीं दिया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। पाटनी ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो पूरे क्षेत्र की जनता एनएच के खिलाफ आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”

क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी, चंपावत से मांग की है कि वे जल्द से जल्द बंद कलमठों को खुलवाकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि बरसात में होने वाली परेशानी से लोगों को निजात मिल सके।



