

रिपोर्ट-सचिन कुमार

स्थान-देहरादून

विश्व की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में शुमार चार धाम यात्रा इस वर्ष 30 अप्रैल से आरंभ होने जा रही है। चार धाम – यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ – की यह यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की पर्वतीय छांव में आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।



जहां भाजपा सरकार यात्रा को लेकर संतुष्ट नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस ने तैयारियों पर सवाल उठाते हुए आलोचना की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण महारा ने कहा कि, “इस साल चार धाम यात्रा के शुरू होते ही सरकार की लचर व्यवस्थाओं की पोल खुल जाएगी। ना तो यात्रा मार्गों पर पड़ाव की समुचित व्यवस्था है और ना ही चिकित्सा सेवाओं की उचित तैयारी की गई है।”



महारा ने आगे कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाएं, आपातकालीन सेवाएं, ट्रैफिक नियंत्रण और रुकने की जगहें अभी भी अधूरी हैं, जिससे यात्रा के दौरान अव्यवस्था की आशंका बनी हुई है।

वहीं, सरकार की ओर से दावा किया गया है कि चार धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, शटल सेवाएं, मेडिकल कैंप्स और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

अब सभी की निगाहें 30 अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा पर टिकी हैं, जो श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन की तैयारी दोनों की असली परीक्षा साबित होगी।



