उत्तराखंड में बढ़ रही जंगल की आग की घटनाएं

उत्तराखंड में बढ़ रही जंगल की आग की घटनाएं

रिपोर्ट-सचिन कुमार

टॉप -देहरादून

उत्तराखंड में इस वर्ष भी जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब तक राज्यभर में 70 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 40 घटनाएं केवल गढ़वाल मंडल में हुई हैं, जबकि कुमाऊं मंडल में 24 घटनाएं सामने आई हैं।

इन घटनाओं में लगभग 42 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा और जैव विविधता को नुकसान हुआ है। वन विभाग के अनुसार, गढ़वाल मंडल में 38 हेक्टेयर, और कुमाऊं मंडल में चार हेक्टेयर क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि,
“हर साल सरकार जंगल की आग को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि हर वर्ष हमारी अमूल्य वन संपदा को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार द्वारा फायर वॉचरों की तैनाती का दावा भी अधूरा साबित हो रहा है। वे आग बुझाने में सक्षम नहीं दिख रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि 15 फरवरी से फायर सीजन की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन न तो पर्याप्त संसाधन, न प्रशिक्षण, और न ही समय पर कार्रवाई देखने को मिल रही है।

वहीं यदि पिछले वर्ष की तुलना की जाए, तो इस समय तक राज्य में 458 आग की घटनाएं हुई थीं, जिससे 573.46 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा था। इस तुलना में इस वर्ष घटनाएं तो कम हैं, लेकिन लगातार बढ़ते तापमान और शुष्क हवाओं के कारण आग की घटनाओं में तेजी आने की आशंका है।

वन विभाग ने एहतियात के तौर पर फील्ड स्टाफ को अलर्ट, मोबाइल पेट्रोलिंग टीमों की तैनाती, और स्थानीय लोगों को जागरूक करने के अभियान तेज किए हैं।