

नैनीताल

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सभी जिलाधिकारियों और विभागीय सचिवों को जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान और आगामी चारधाम यात्रा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जन शिकायतें व शासन की जवाबदेही:
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए जन सुनवाई को नियमित किया जाए। तहसील दिवस, बहुद्देशीय शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ देने पर बल दिया गया।



चारधाम यात्रा पर विशेष फोकस:
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों और अन्य हितधारकों से समन्वय कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश।
- यात्रा मार्गों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, और यात्री सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता।
- पर्यावरण के अनुकूल और स्वच्छ यात्रा का आयोजन।
- ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हेतु विशेष निर्देश।
वनाग्नि प्रबंधन:
- संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था, स्थानीय टीमों की तैनाती और मोबाइल गश्त टीमें तैनात करने के आदेश।
- जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से आग पर नियंत्रण।

पेयजल और मानसून की तैयारियां:
- गर्मियों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- पेयजल टैंकर और वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से तैयार हों।
- मानसून पूर्व सुरक्षा कार्य, जलभराव वाले क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्य जल्द पूरे हों।
ई-सेवाएं और जवाबदेही:
- आम जनता को अनावश्यक कार्यालयी दौड़ से बचाने के लिए ई-सेवाओं को बढ़ावा।
- कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश।

राज्य सुरक्षा और अतिक्रमण:
- बाहरी और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी।
- अनधिकृत रूप से सुविधाएं प्रदान करने वाले कार्मिकों पर निलंबन व टर्मिनेशन की कार्रवाई।
- अवैध अतिक्रमण पर नियमित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
टनकपुर के विकास कार्यों की समीक्षा:
- बनबसा सूखा बंदरगाह और मिनी सिडकुल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
- सीए लैंड की उपलब्धता हेतु वन विभाग से समन्वय कर कार्यवाही के निर्देश।

नैनीताल जिले की व्यवस्थाएं:
वीसी के माध्यम से जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया:

- कैंची धाम और नैनीताल हेतु शटल सेवा चालू।
- बाईपास निर्माण हेतु वन भूमि प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
- अस्थाई हेलीपैड का निर्माण शीघ्र पूर्ण।
- अनियंत्रित विकास को रोकने के लिए क्षेत्र को प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव।


