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रिपोटर -दीपक नौटियाल

स्थान – उत्तरकाशी

ताजा मामला उत्तरकाशी जनपद से जुडा हुआ है जहॉ डुण्डा प्रखंड के टिपरा गॉव में नाबालिग की शादी उसके परिजनों के द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाकर जिला सहारनपुर में करवाई जा रही थी। नवालिग की उम्र हाईस्कूल प्रमाण पत्र के अनुसार मात्र 16 साल है। और उसकी मां टिपरा गॉव की आशा कार्यकत्री भी है और इसी की आड में शांन्ता देवी ने आंचल की शादी करवाने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवा लिए यहॉ तक कि उसने शादी की निश्चित तिथि से 2 माह पहले गौरब कुमार के साथ आंचल की शादी का कोर्ट मैरिज के पेपर भी तैयार करवा लिए और संदेह के चलते आंचल के द्वारा पुलिस चौकी ब्रहमखाल में अपनी दादी व ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रार्थना पत्र भी दिया गया जिसमे शादी के दिन इनके द्वारा बाधा डालने की शिकायत की गई व पुलिस से सुरक्षा मॉगी गई तथा बारात की तिथि 9 मार्च 2023 को तय करवा ली।नाबालिग आंचल की शादी फर्जी दस्तावेजों से करवाए जाने की भनक जब बाल कल्याण समिति उत्तरकाशी को लगी तो बाल कल्याण समिति के अधिकारी भी पूरी तैयारी कर पुलिस फोर्स लेकर, तहसीलदार डुण्डा के साथ शादी के दिन टिपरा गॉव में पहुचें और मामले की जॉच में जुट गए,जॉच टीम के द्वारा जब आंचल की उम्र की पुष्टि के लिए आंचल का आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र तथा हाईस्कूल प्रमाण पत्र मॉगे गए


तो शांन्ता देवी ने पहले तो यह सभी दस्तावेज दिखाने पर टाल-बराई करती रही और बार मैरिज सार्टिफिकेट दिखाती रही तथा जॉच अधिकारियों के द्वारा अन्य मांगे गए दस्तावेजों को दूसरी जगह होने का बहाना बनाती रही लेकिन जॉच अधिकारियों ने जब थोडा सा सख्ती दिखाई तो शान्ता देवी ने यह सभी दस्तावेज धीरे धीरे जॉच अधिकारी को सौंप दिए। सभी दस्तावेजों को मिलान कर आंचल की जन्मतिथि जब आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र में 12/03/2003 तथा हाईस्कूल प्रमाण पत्र में 19/02/2007 निकली तो जॉच अधिकारियों को आंचल की उम्र को लेकर शक हो गया। और उन्हौने तवरित कारवाई करते हुए आंचल की शादी रूकवा दी। उधर उत्तरप्रदेश के सहारनपुर से आए बारातियों को जैसे ही दुल्हन के घर मे जांच अधिकारी व पुलिस बल के होने की सूचना मिली तो वह तुरंत जेमर गांव के करीब से ही उल्टे पांव वापस लौट गए और दुल्हन को देहरादून में लाने के लिए परिजनों को फोन करते रहे। वही शांता देवी ने भी एक दिन बाद 11 मार्च को आंचल की तबीयत आचानक बिगड़ जाने का बहाना बनाकर आंचल को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ब्रहमखाल लेकर आई और फिर डॉक्टर से देहरादून रेफर करने की गुहार लगाने लगी जब डॉक्टर ने रेफर करने से मना कर दिया तो शातिर शांता देवी आंचल को जबरन देहरादून ले जाने लगी, वह आधे रास्ते पर पहुंची ही थी कि मामले की भनक बाल विकास समिति उत्तरकाशी को लग गई और उन्होंने तुरंत शांतादेवी को फोन कर आंचल को उत्तरकाशी लाने को कहा और धरासू पुलिस थाने को भी सारे घटनाक्रम की सूचना दे दी। बाल विकास समिति के फोन आते ही शांता देवी को पूरा संदेह हो गया कि कही न कही वह फंस सकती है तो वह आंचल को लेकर उत्तरकाशी पहुंच गयी।जहॉ पर अधिकारियों के द्वारा आंचल को कही भी घर से बाहर न ले जाने की शख्त हिदायत दी गई।वही बाल विकास समिति के अधिकारियों के द्वारा पूरे मामले की सत्यता महिला ग्राम प्रधान सीमा गौड से पूछी गई तो ग्राम प्रधान ने बताया

कि उन्हें इस शादी के बारे में कोई पता नहीं था बल्कि गॉव वाले तो तब चौक गए जब गांव की तरफ बत्तियां वाली गाड़ियां आ रही थी और पुलिस फोर्स के साथ प्रशासन गांव में पहुँच गया ग्राम प्रधान सीमा गौड ने बताया कि आंचल का जन्म हरिद्वार में नहीं बल्कि गांव में ही हुआ है और कहीं ना कहीं इनके द्वारा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया है। ग्राम प्रधान ने भी जांच अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर मामले की सत्यता जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। लेकिन एक माहहोने वाला है और अभी तक जांच के नाम पर मामले को गुमराह किया जा रहा है गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामले में कहीं ना कहीं राजनीतिक दबाव भी बनवाया जा रहा है जिस कारण अधिकारी भी दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में पल्ला झाड़ रहे हैं। और जन्म प्रमाण पत्र की जांच के बाद आगे की कार्यवाही करने की बात कह रहे हैं अब देखना यह होगा कि यह जांच रिपोर्ट कब तक आती है तथा दोषियों पर कार्यवाही कब तक होती है या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाता है।


