सांसद ने मांगी पर्वतीय क्षेत्रों के लिए रेल की सौगात

ख़बरों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें – 9634912113, 8057536955 न्यूज़ पोर्टल उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल में सभी विधान सभा स्तर पर संवाददाता\विज्ञापन संवाददाता, ब्यूरो चीफ की आवश्यकता है, संपर्क करें – 9634912113, 8057536955

रिपोर्टर- गोविन्द रावत

स्थान- अल्मोड़ा

सांसद अजय टम्टा ने कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में रेल की सौगात की मांग की है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के सीमांत जिलों तक टनल के माध्यम से रेल लाइन बिछाई जाएगी। उन्होंने काठगोदाम, टनकपुर और लालकुआं रेलवे स्टेशन से भी ट्रेनों का संचालन बढ़ाने की मांग की। अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय टम्टा ने कहा कि राज्य की जनता को रेलवे मंत्रालय से कई अपेक्षाएं हैं। उत्तराखंड सीमांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। यहां चीन, नेपाल और तिब्बत की सीमाएं हैं। पर्यटन और तीर्थाटन का प्रमुख केंद्र होने की वजह से लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। कहा कि संसदीय क्षेत्र अल्मोड़ा में एक मात्र रेलवे स्टेशन टनकपुर है। पूर्व में रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों को काठगोदाम या लालकुआं रेलवे स्टेशन जाना पड़ता था|

जो काफी दूर है। वर्ष 1911-12 में अंग्रेजी हुकूमत के समय में टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का सर्वे हुआ था, एक सदी बीतने के बाद भी अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत तीनों जिलों के लोग रेल की राह देख रहे हैं। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए 29 करोड़ 95 लाख की स्वीकृति दी है। सांसद ने टनकपुर रेलवे स्टेशन से राजधानी देहरादून के लिए एक शताब्दी और जनशताब्दी रेलगाड़ी के संचालन करने की भी मांग की। इसके अलावा कहा कि पूर्णागिरि जन शताब्दी के अधिक स्टापेज होने से दिल्ली पहुंचने में 10 से 12 घंटे लगते हैं। जबकि बस से जाने में मात्र 6 से 8 घंटे का सफर है। उन्होंने ट्रेन के समय को कम करने, रामनगर से मुंबई रेलगाड़ी का संचालन सप्ताह में एक बार से बढ़ाकर तीन बार किए जाने, काठगोदाम से जम्मू के लिए गरीब रथ को भी सप्ताह में एक बार से बढ़ाकर दो बार करने, लालकुआं से हावड़ा रेल को भी सप्ताह में दो बार, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का सर्वे पूरा किए जाने, रामनगर-चौखुटिया-गैरसैंण नई लाइन, चौखुटिया-गरुड़-बागेश्वर रेल लाइन और बागेश्वर-कपकोट टनल के माध्यम से, मदकोट-जौलजीबी-धारचूला तक सर्वे कराकर पर्वतीय क्षेत्रों में भी सौगात देने की मांग उठाई है।