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रिपोर्टर- विशेष शर्मा

स्थान- बाजपुर

सरकार ने भले ही तीनों कृषि कानून वापस ले लिए हों लेकिन एक बार फिर से एमएसपी को लेकर किसान आंदोलन को तेज़ करने की तैयारी की जाने लगी है। बता दें कि देर रात उधम सिंह नगर के बाज़पुर गुरुद्वारा समागम में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने गुरुग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका और मौजूद संगत का अभिवादन किया।

इस दौरान टिकैत ने कहा कि इस आंदोलन को देश की जनता ने जीता है। सरकार ने इस आंदोलन को खत्म करने की बहुत कोशिश की लेकिन सिक्ख कौम के बलिदान और इस आंदोलन में मौजूद हर धर्म, जाति के लोगों ने बता दिया कि सरकार की तानाशाही के आगे हम झुकने वाले नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर बाजपुर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यहां के बहादुर किसान पहले दिन से ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर डटे हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन सरकार एमएसपी पर कानून वापिस लेगी उस दिन किसान की पूरी जीत होगी।


बाजपुर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों से एमएसपी पर बात नहीं करना चाहती। संयुक्त मोर्चा ने 5 सदस्य की एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी का काम सरकार से बात करने का है । सरकार अगर चाहे तो इस कमेटी से बात कर सकती है । अभी तीनों कानून वापस हुए हैं लेकिन अभी किसान एमएसपी पर अड़े है । साथ ही उन्होंने बताया कि बहुत सारे ट्रैक्टर थानों में बंद है। किसानों पर मुकदमे हैं, बहुत सी बातें हैं जिस पर अभी सरकार से वार्ता होनी हैं। लेकिन सरकार किसानों से वार्ता करने के मूड में नहीं दिख रही है । ऐसे में अभी किसान अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेगी |


राकेश टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा 5 सदस्य कमेटी सरकार से वार्ता करने के बाद आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा करेगी | 7 दिसंबर को होने वाली बैठक बहुत अहम है इसमें संयुक्त किसान मोर्चा सभी विषयों को लेकर बातचीत करेगा | राकेश टिकैत ने कहा कि इस 5 सदस्य कमेटी के सभी लोग ऑथेंटिक हैं जो भी वार्ता करनी होगी किन्ही पांच लोगों से करनी होगी | उन्होंने कहा कि इस कमेटी में वह शामिल नहीं है | आगामी विधानसभा चुनाव में किसानों की क्या रणनीति रहेगी इस सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि यह आने वाला समय ही बताएगा कि किसान किस भूमिका में जनता के बीच होंगे।


